कुछ पल बस सिर्फ स्वयं के साथ

जीवन के हर पल को खुल कर जीने और हर एक पल का आनंद लेने के लिये सबसे पहले खुद से रिश्ता बनाना बहुत आवश्यक है इसलिए अपने आप को वक्त देना जरुरी है| इसलिए सुबह उठने के बाद कुछ समय अपने आप के साथ बिताने का मैंने निश्चय किया और चल पडी़ इस नये सफर पर|सोचते तो हम बहुत कुछ हैं पर जीवन में परिवर्तन आना तब शुरू होता है जब हम ठान लेते हैं और इसलिए ही मेरी कोशिश सफल हुईं| अपना यही अनुभव मैं आप सभी के साथ सांझा करना चाहती हूं|ये कुछ पल अदभुत थे मेरे लिये जिन्होंने मेरे पूरे दिन को उर्जावान बना दिया|ऐसा नहीं है कि मैं पहली ऐसी इन्सान हूं जो यह अनुभव कर रही हूँ बहुत ही बेहतर लोग हैं जो जीवन के हर क्षण को भरपूर जीते हैं और जीवन की सही परिभाषा जानते हैं परन्तु कितने प्रतिशत हैं ऐसे लोग | बहुत से तो ऐसे ही हैं जो अभी जागे ही नहीं बस भाग रहे हैं सरपट बिना सांस लिये| बस उन सभी से ये कहना है कि थम जाओ थोड़ा सा बस थोड़ा सा| सुबह उठ कर बस थोड़ा सा वक्त सिर्फ और सिर्फ अपने लिए| हमेशा सब के लिए जीते रहते हो कभी मां बाप, कभी पति-पत्नी, कभी बच्चे और कभी कोई और जिम्मेदारी या कुछ लेकिन खुद का क्या? कभी तो सोचो इसलिए ही कह रही कि थोड़ा सा थम जाओ.. बस थोड़ा सा अपने लिए . सुबह उठे और सोशल मीडिया पर व्यस्त हो गये तो खुद को वक्त कब दिया|ऐसा नहीं कि मैं ने ये नहीं किया पर सीख रही हूँ धीरे धीरे कि अपने साथ जीये ये पल ही साथ जायेंगे और हर रिश्ता वक्त के साथ कहीं छुट जायेगा| कोई किसी बहाने से तो कोई किसी बहाने से| अभी तो शुरुआत है मंजिल बहुत दूर है तो चलते हैं इस सफर पर और आपके साथ सब सांझा करूंगी शायद कोई एक भी समझ जाये या सम्भल जाये तो मेरा मकसद पूरा हो जाये शायद..... 

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